डिजिटल भारत (Digital India)
चौथी औद्योगिक क्रांति डिजिटल रूप में आकर लेगी । अतः अत्याधुनिक तकनीकी को अपनाने हेतु भारत सरकार द्वारा 1 July 2015 में डिजिटल क्रांति शुरु की गई ।
डिजिटल भारत के तहत भारत को 2025 से 26 तकएक डिजिटल राष्ट्र बनाना तथा डिजिटल नागरिकों के लिए खुला इंटरनेट ऑनलाइन सुरक्षा पर जोर है ।
इसके लिए सरकार ने ऑनलाइन बुनियादी ढांचे में सुधार व इंटरनेट कनेक्टिविटी को बढ़ाकर नागरिकों को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से सरकारी सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए डिजिटल अभियान शुरू किया है ।
यह एक अंब्रेला कार्यक्रम है, जिसके अंतर्गत विभिन्न सरकारी विभागों व मंत्रालयों को कवर किया गया है ।
इसके तहत सशक्त समाज व नॉलेज इकोनॉमी में विकसित करने का कार्यक्रम है।
डिजिटल भारत का आदर्श वाक्य "शक्ति से सशक्तिकरण" है ।
भारत डिजिटल तकनीकी अपने वाले शीर्ष देश में शामिल है । भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था 2023 तक 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के पार पहुंचाने की उम्मीद है ।
इसमें तीन मुख्य विषय हैं:-
- डिजिटल अवसंरचना का निर्माण: - हाई स्पीड इंटरनेट सुविधा, मोबाइल फोन, कॉमन सर्विस सेंटर, बैंक अकाउंट व नागरिकों को सार्वजनिक क्लाउड प्रदान करना ।
- सेवाओं की डिजिटल डिलीवरी:- प्रशासनिक सेवाएं ऑनलाइन व मोबाइल के माध्यम से प्रदान करना ।
- डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना
इसके तहत सरकार द्वारा देश के डिजिटल बुनियादी सिस्टम को सुधार कर ऐसे इकोसिस्टम का निर्माण किया गया है जिसमें सभी मंत्रालय के सरकारी विभागों को एक साथ डिजिटल रूप से जोड़ा गया है ।
यह तीन क्षेत्रों पर केंद्रित हैं:-
- डिजिटल अवसंरचना प्रदान करना: - प्रत्येक नागरिक को उपयोगिता के स्रोत के रूप में डिजिटल अवसंरचना प्रदान करना ।
- मांग पर शासन और सेवाएं: - ऑनलाइन मोबाइल के जरिए एकल खिड़की के जरिए एकीकृत सेवाएं प्रदान करना ताकि सभी के लिए आसान पहुंच सुनिश्चित हो सके ।
- प्रत्येक नागरिक का डिजिटल सशक्तिकरण सुनिश्चित करना
सरकार का उद्देश्य UIDAI, EDI, Payment Gateway, मोबाइल प्लेटफार्म के साथ ही ई-गवर्नेंस के माध्यम से प्रक्रियाओं और डिलीवरी में सुधार करना है ।
डिजिटल इंडिया के 9 प्रमुख स्तंभ हैं:-
- ब्रॉडबैंड हाईवे:- सभी गांव में शहरों में सभी के लिए ब्रॉडबैंड सेवा व राष्ट्रीय सूचना अवसंरचना तैयार करना ।
- यूनिवर्सल एक्सेस टू मोबाइल कनेक्टिविटी पहल :- नेटवर्क बढ़ाना व कनेक्टिविटी में अंतर कम करना ।
- पब्लिक इंटरनेट एक्सेस कार्यक्रम:- सामान्य सेवा केंद्रों व बहुसेवा केंद्रों के रूप में डाकघर को तैयार करना ।
- ई - क्रांति:- सेवाओं की इलेक्ट्रॉनिक डिलीवरी
- ई - गवर्नेंस:- प्रौद्योगिकी से सरकार में सुधार
- सभी के लिए सूचना:- भारत के लोगों के लिए उपयोग और पुनर्वितरण के लिए लाइन मंत्रालयों की ओर से विश्वसनीय डाटा की पारदर्शिता व उपलब्धता सुनिश्चित करना ।
- इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग
- आईटी फॉर जॉब्स
- अर्ली हार्वेस्ट कार्यक्रम:- इसके अंतर्गत डिजिटल अल्पकालिक परियोजनाओं का समूह है जो तत्कालीक रूप से डिजिटल तंत्र पर प्रभाव डालता है ।
सरकार द्वारा शुरू की गई डिजिटल पहले:-
- डिजिलॉकर
- ई-अस्पताल
- ई -पाठशाला
- BHIM App (31 December 2016)
- ई-क्रांति
- आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (September 2021)
- वित्तीय समावेशन हेतु डिजिटल बैंकिंग सिस्टम
- आधार ऑथराइजेशन
- डिजिटल कृषि मिशन (2021-2025)
- ई नाम कृषि बाजार (14April 2016)
- किसान सम्मान निधि योजना (2019)
- ई-स्वामित्व योजना
- पीएम मुद्रा ऋण योजना (2016)
- पीएम जन धन योजना (28 Augest 2014)
- ई-पंचायत मिशन ( 24 April 2022)
- CSC




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