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महमूद गज़नी का आक्रमण

📚 महमूद गज़नी का आक्रमण  932 ई. में अलप्तगीन नामक एक तुर्क सरदार गजनी साम्राज्य की स्थापना की, जिसकी राजधानी गजनी थी।[UP Lower (Pre) 2015]   जिसने 963 ई. में अमीर अबू बकर लविक से जबुलिस्तान तथा उसकी राजधानी गजनी को छीन लिया था।  यामिनी वंश जिसे गजनी वंश के नाम से भी जाना जाता है। अलप्तगीन की मृत्यु के पश्चात् कुछ समय तक ग़ज़नी में पिरीतिगीन ने शासन किया। इसी के शासनकाल (972-977 ई.) में सर्वप्रथम भारत पर आक्रमण किया गया । प्रथम तुर्क आक्रमण के समय पंजाब में शाही वंश का शासक जयपाल शासन कर रहा था। अलप्तगीन का गुलाम तथा दामाद सुयुक्तगीन 977 ई. में गज़नी की गद्दी पर बैठा। महमूद गजनी सुबुक्तगीन का पुत्र था, जिसका जन्म 1 नवम्बर, 971 ई. में हुआ था।  अपने पिता के काल में महमूद गज़नी खुरासान का शासक था। महमूद गज़नी 27 वर्ष की अवस्था में 998 ई. में गद्दी पर बैठा।  बगदाद का खलीफा अल-आदिर विल्लाह ने महमूद गज़नी के पद को मान्यता प्रदान करते हुए उसे 'यमीन-उद्-दौला' तथा 'यमीन-ऊल-मिल्लाह' की उपाधि दी। महमूद गज़नी ने भारत पर 17 वार आक्रमण किया।[UP Lower (Pre) Spl...